शोभना सम्मान - २०१३ समारोह

सोमवार, 26 दिसंबर 2011

लो ब्लॉग की दुनिया में आ गई कलम घिस्सी

कलम घिसते-२ मेरे भैया सुमित प्रताप सिंह ("सुमित के तडके" वाले)  बन गए हैं कलम घिस्सू और मैं उनकी छुटकी बहन उनसे प्रेरणा लेकर बनने चल दी हूँ कलम घिस्सी..... आशा है कि आप सभी का स्नेह और आशीष मेरे लेखन को मिलता रहेगा.....

12 टिप्पणियाँ:

ब्लॉ.ललित शर्मा ने कहा…

स्वागत है स्वागत है कलम घिस्सी बहन का।

sangita ने कहा…

welcome

अविनाश वाचस्पति ने कहा…

संग जिसके गीता है
वही तो गीता है
संगीता है
गुडि़या है
नेह भरी पुडि़या है

काजल कुमार Kajal Kumar ने कहा…

आओ जी

Pratibha ने कहा…

aree bhai..aapka bhi swagat hai..:)

देव कुमार झा ने कहा…

स्वागत है.....

नव्या ने कहा…

यह कलमघिसी बड़ी चतुर हैं.... बंद आँखों से सबकुछ देखकर अपनी कलम को घीस घीसकर पैनी कर रही हैं.... अब तो इंतज़ार रहेगा बढ़िया रचनाओं का...... शुभकामनाएँ ...

संगीता तोमर Sangeeta Tomar ने कहा…

कलम घिस्सी की ओर से आप सभी का बहुत-२ धन्यवाद जो ब्लॉग की दुनिया में मेरा स्वागत इतना स्नेह व आशीष देकर किया.

पद्म सिंह ने कहा…

कलम घिस्सी घिस रहीं कीबोर्ड को
तेज़ करती हैं दिमागी स्वोर्ड को
तोड़ देंगी तमा की तस्वीर को
बदल देगी देश की तकदीर को
दें यही आशीष जग को जगमगाएँ
वर्ष नव की आपको मंगल दुवाएँ

Jaidev Jonwal ने कहा…

स्वागत है कलम घिस्सी बहन का.

indu puri ने कहा…

aao aao swagat hai tumhara is duniya me .bahut khoobsurat aur achchhe logon se bhri hai yh.hmari nanhi gudiya aai hai klmghisne to.......... hm bhi plk fawde bichhaye intzar krenge apni klmghissi ki rachnao ka. dhero shubhkamanaayen.

गुड्डोदादी ने कहा…

आशीर्वाद नन्हों

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